मानव अधिकार प्रोटेक्शन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय घनश्याम गुप्ता ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण संदेश सभी राज्यों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया। यह संदेश न केवल संगठन की भावी दिशा तय करता है, बल्कि कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा, ज़िम्मेदारी और संकल्प के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी देता है।
संगठन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
श्री घनश्याम गुप्ता ने अपने संदेश में कहा:
“अब वक्त है कि हम अपने संगठन को हर गांव, हर मोहल्ले और हर नागरिक तक पहुंचाएं। जब तक अंतिम व्यक्ति को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारी लड़ाई अधूरी है।”
उनका यह स्पष्ट संदेश था कि मानव अधिकार प्रोटेक्शन केवल कागज़ों या बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर पीड़ितों की आवाज़ बनना चाहिए।
भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
घनश्याम गुप्ता ने कहा कि देश में कई जगह लोगों को प्रशासनिक अत्याचार, सामाजिक भेदभाव और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में संगठन का कर्तव्य है कि वह इन पीड़ितों को न केवल सहायता दे, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करवाए।
उन्होंने कहा:
“हमारा उद्देश्य है – अत्याचारियों पर लगाम और पीड़ितों को न्याय। हम किसी भी दबाव, डर या राजनीति में नहीं झुकेंगे।”
युवा शक्ति को जोड़ने की अपील
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं को संगठन से जोड़ने का विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि युवा जागरूक होंगे तो समाज में बदलाव अवश्य आएगा। संगठन की हर इकाई को निर्देश दिया गया कि वे स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक मंचों पर युवाओं से संवाद करें और उन्हें मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करें।
संगठनात्मक अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
श्री गुप्ता ने संगठन के भीतर अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पद किसी के लिए सम्मान है, लेकिन उससे जुड़ी ज़िम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। सभी पदाधिकारी अपने कार्यों की समय-समय पर रिपोर्ट दें और संगठन की छवि को मजबूत करें।
महिला सुरक्षा और बाल अधिकारों पर विशेष ध्यान
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महिला उत्पीड़न और बाल शोषण के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह हमारे समाज के लिए कलंक हैं। उन्होंने हर राज्य इकाई को निर्देश दिया कि वे महिला अधिकार और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष अभियान चलाएं, साथ ही हेल्पलाइन सेवा को और मजबूत करें।
डिजिटल ताकत को बढ़ाने की योजना
घनश्याम गुप्ता ने यह भी कहा कि संगठन की डिजिटल उपस्थिति को और विस्तार दिया जाएगा। ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, सोशल मीडिया जागरूकता अभियान, और डिजिटल सदस्यता अभियान को तेजी से लागू किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस न्याय की मुहिम से जुड़ सकें।
