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UGC नियमों पर टकराव नहीं, संतुलन और संवाद हो — मानव अधिकार सबके लिए समान** घनश्याम गुप्ता

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नवीन नियमों को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में उत्पन्न सामाजिक आशंकाओं एवं विरोध के बीच मानव अधिकार प्रोटेक्शन (भारत) ने एक संतुलित, जिम्मेदार और संवादपरक रुख अपनाया है। मानव अधिकार प्रोटेक्शन के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने कहा मानव अधिकार प्रोटेक्शन किसी भी वर्ग के अधिकारों के हनन के विरुद्ध है। चाहे वह सवर्ण समाज हो, पिछड़ा वर्ग हो या कोई अन्य समुदाय न्याय तभी सार्थक है जब वह निष्पक्ष और संतुलित हो। उन्होंने कहा कि UGC के नियम यदि भेदभाव समाप्त करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, तो उनमें डर, भ्रम और एकतरफा कार्यवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। राजेन्द्र झा (प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश) ने कहा— किसी भी नियम को लागू करने से पहले समाज के सभी वर्गों का विश्वास जीतना आवश्यक है। भय का वातावरण शिक्षा और सामाजिक सौहार्द—दोनों के लिए घातक है। कमल किशोर शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान) ने कहा— शिकायत निवारण तंत्र सुरक्षा का माध्यम बने, न कि दबाव या प्रतिशोध का औजार, डा. जी. एस. लहरी (प्रभारी, उत्तर प्रदेश) ने कहा— बिना निष्पक्ष जांच और सुनवाई यदि किसी के विरुद्ध कार्यवाही होती है, तो वह स्वयं मानव अधिकारों का उल्लंघन है। डा. एस. के. सिन्हा (प्रदेश अध्यक्ष, बिहार) ने कहा— सरकार और UGC को स्पष्ट करना चाहिए कि नियम किसी वर्ग विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि भेदभाव के विरुद्ध हैं। कृष्णा नंदन सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, झारखण्ड) ने कहा—शिक्षा का वातावरण भयमुक्त और न्यायपूर्ण होना चाहिए। संतुलित नियम ही सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। संगठन सरकार एवं UGC से मांग करता है कि— प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्ष, पारदर्शी एवं बहु-वर्गीय जांच समिति हो झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर भी समान रूप से कार्यवाही का प्रावधान हो बिना सुनवाई एवं प्राथमिक जांच के कोई दंडात्मक कदम न उठाया जाए व्यापक संवाद के माध्यम से समाज में फैली आशंकाओं को दूर किया जाए । मानव अधिकार प्रोटेक्शन समाज के सभी वर्गों से अपील करता है कि— लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन समाधान टकराव से नहीं, संवाद से निकलता है।” संगठन यह भी स्पष्ट करता है कि वह आने वाले समय में सरकार, UGC और समाज के सभी वर्गों के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए समाधान की दिशा में कार्य करेगा।

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