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Pragati sankalp samroh 2025

Pragati Sankalp Samaroh 2025 Bikaner

मानव अधिकार प्रोटेक्शन राजस्थान का “प्रगति संकल्प समारोह–2025” बीकानेर में ऐतिहासिक रूप से संपन्न |

मानव अधिकार प्रोटेक्शन राजस्थान द्वारा आयोजित प्रगति संकल्प समारोह–2025 का भव्य एवं प्रभावशाली आयोजन रविवार 21 दिसंबर 2025 को जिला उद्योग संघ सभागार, बीकानेर में किया गया। समारोह में मानव अधिकारों की संवैधानिक महत्ता, उनके संरक्षण तथा आमजन में जागरूकता को लेकर गंभीर और सशक्त विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मानव अधिकार प्रोटेक्शन के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने अपने ओजस्वी एवं उग्र संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा—
“मानव अधिकारों की जानकारी हर नागरिक तक पहुँचना बेहद आवश्यक है। जब तक व्यक्ति अपने अधिकार नहीं जानेगा, तब तक शोषण और अत्याचार से नहीं बच सकेगा। मानव अधिकारों की जागरूकता ही शोषण के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।”
उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में गरीब, कमजोर और वंचित वर्ग लगातार उत्पीड़न का शिकार हो रहा है। मानव अधिकार प्रोटेक्शन संगठन आज देश के 25 से अधिक राज्यों में लाखों सदस्यों के साथ जुल्म, अन्याय और शोषण के खिलाफ मजबूती से संघर्ष कर रहा है।
उन्होंने बीकानेर से चेतावनी भरे शब्दों में कहा—
“अगर न्याय नहीं मिला, तो मानव अधिकार प्रोटेक्शन 25 राज्यों की ताकत के साथ सड़कों पर उतरेगा।”
घनश्याम गुप्ता ने बीकानेर के पानी संकट, महिला सुरक्षा, व्यापारियों पर झूठे मुकदमों, किसान-मजदूरों के अधिकार और बेरोज़गार युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए कहा—
“डर के बिना जीने का हक ही मानव अधिकार है। जनता मालिक है, अधिकारी सेवक।”
संविधान और मानव अधिकारों पर संभागीय आयुक्त का वक्तव्य
समारोह में संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा—
“10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मानव अधिकार घोषणा पत्र पारित किया गया। भारत का संविधान उसकी आत्मा को समाहित करता है, जिसमें व्यक्ति की स्वतंत्रता, विचार और मौलिक अधिकारों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि संविधान लागू होने के बाद अनेक संस्थाएं मानव अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही हैं, जिससे लोकतंत्र और न्याय प्रणाली को मजबूती मिली है।
मानव गरिमा की रक्षा का माध्यम है मानव अधिकार – ओ.पी. गोदारा
विशिष्ट अतिथि जीएसटी कमिश्नर ओ.पी. गोदारा ने कहा—
“मानव अधिकार केवल एक शब्द नहीं, बल्कि मानव की गरिमा और सम्मान की रक्षा का माध्यम है।”
उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग अन्याय को सहना अपनी आदत बना चुके हैं, लेकिन सोच बदलनी होगी क्योंकि अन्याय के खिलाफ खड़े होने वालों को ईश्वर भी शक्ति देता है।
शिक्षा और सामाजिक चेतना पर जोर
शैक्षणिक ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिगोपाल उपाध्याय ने मानव अधिकारों को शिक्षा और सामाजिक चेतना से जोड़ते हुए जागरूक समाज के निर्माण पर बल दिया।
महिला सुरक्षा और संगठन की प्रतिबद्धता
महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती विनिता नाहटा ने कहा—
“जहां भी कोई महिला पीड़ित, शोषित या व्यक्ति संगठन से संपर्क करता है, मानव अधिकार प्रोटेक्शन उसके साथ चट्टान की तरह खड़ा रहता है।”
अध्यक्षीय संबोधन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश प्रभारी कमल किशोर शर्मा ने कहा कि आज़ाद भारत में भी कई लोग अधिकारों से वंचित होकर गुलामी जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे असुरक्षित लोगों के लिए संगठन को और अधिक सक्रिय होकर कार्य करना होगा।
अन्य वक्ताओं के विचार
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा, जिला महासचिव अनुज अग्रवाल, जिला सचिव राजेंद्र सिंह पडिहार, बीकानेर जिला उद्योग संघ अध्यक्ष डी.पी. पचीसिया, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने मानव अधिकारों की जानकारी को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम की औपचारिकताएँ
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर व राष्ट्रीय गान के साथ की गई। अतिथियों का स्वागत माला, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम में बीकानेर दाल मिल एसोसिएशन अध्यक्ष श्री जयकिशन अग्रवाल, उद्यमी श्री राजेश गोयल, महिला संगठन संचालिका श्रीमती राखी चौरडिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मंच संचालन श्री ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।
👉 राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता की दमदार उपस्थिति और उनके सशक्त, निर्भीक संदेशों ने “प्रगति संकल्प समारोह–2025” को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे और पूरा सदन मानव अधिकार प्रोटेक्शन जिंदाबाद के नारों से गूंजता रहा।

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