जनता की सरकार, जनता के सामने – मुख्यमंत्री योगी का ऐतिहासिक कदम!
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहली बार ऐसा हो रहा है जब जनता को सिर्फ़ वादे नहीं, जवाब भी मिलेंगे – वो भी सामने बैठाकर!
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का यह निर्देश कि मंत्री, विधायक और अधिकारी अब जनता के समक्ष बैठकर अपने कार्यों का जवाब देंगे, यह किसी क्रांति से कम नहीं है।
मानव अधिकार प्रोटेक्शन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री घनश्याम गुप्ता ने इस फैसले को “जनता के अधिकारों की पुनः स्थापना” करार देते हुए कहा:
यह कदम उत्तर प्रदेश को एक जवाबदेह, पारदर्शी और जनता के प्रति संवेदनशील शासन की ओर ले जाएगा। जब सत्ता में बैठे लोग जनता की आंखों में आंखें डालकर जवाब देंगे, तब असली लोकतंत्र की नींव मजबूत होगी। यह फैसला सिर्फ एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता का सम्मान है!
अब तक जनता की आवाज़ अक्सर दीवारों से टकरा जाती थी। पर अब एक ही टेबल पर – जनता, मंत्री, विधायक और अफसर, यह दृश्य बदलते उत्तर प्रदेश की पहचान बनेगा।
हम इस फैसले का दिल से स्वागत करते हैं और सरकार से आग्रह करते हैं कि यह मॉडल जल्द ही हर जिले और तहसील में लागू हो, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सीधे अपने जनप्रतिनिधियों से जवाब मांग सके।
🌟 यह है ‘सशक्त लोकतंत्र’ की असली तस्वीर!
